शीर्षक - कुछ बड़ा चल रहा दुनिया में
राज्य - उत्तराखंड रुद्रप्रयाग
यहां जान पे जान दांव लगी है
कहीं दिलों में कहीं बाजारों, तो
कहीं जंगलों में आग लगी है।
हिन्दुस्तान सरजमीं धधकती है
कि यहां शहरों में घात लगी है।
अमेरिका की चाह सरफिरी सी
खाड़ी का भैभव-शान दांव लगी है।
मंदी की मारी हुई है दुनिया सारी
फिर भी सबकी दांव पर साख रखी है
आसार लगते हैं इधर जंग के तो
मुल्कों के साथ करने की हौड़ लगी है।
रक्षा बल बढ़ाता जा रहा है हर देश
यहां हथियारों से ही दुनिया साज लगी है
बढ़ते तनाव और एक अहम से
दुनिया के विनाश की आशंका लगी है।
कुछ बड़ा चल रहा है इस दुनिया में
हर कदम पे खतरे की आभास लगी है
हर तरफ सुलग रहीं है चिंगारियां सी
और इन पर प्रतिस्पर्धा की हवा लगी है।
Very nice
ReplyDeleteThank you sir
DeleteBahut he sunder Lazawab
DeleteGood bhai keep it up 🙏
ReplyDeleteThank you so much
DeleteGreat ,, phinsotysia
ReplyDeleteThank you dear
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