Tuesday, December 24, 2019

छत्तीसगढ़ से शैलेन्द्र कुमार धिरहे की रचना- किस्मत का सितारा

नाम-शैलेन्द्र कुमार धिरहे
शीर्षक- *किस्मत का सितारा*
पता-शंकरपाली (छत्तीसगढ़)


  *किस्मत का सितारा*
    ****************
कितनी उलझने हैं जीवन मे
      सुख दुःख का संगम है साथ।
पार करके जाना है भंवर को
   चाहे तूफाँ हों या हों बुरे  हालात।
 
संघर्ष का दौर है हर जहाँ मे
        कोई जीतता कोई हारता है।
थक कर चूर हो जाते हैं कई
     कोई जीत का जश्न मनाता है।

सुलगते दिल के हर आरजू को
       जब कोई मुक़ाम न मिल पाते हैं।
दर बदर की डोकरें आते हिस्से मे
       जिन्दगी से हमेशा रूठ जाते हैं।

न हो मायूस, न घबरा ये दोस्त
उम्मीदों का सूरज कल भी निकलेगा।
लगन जूनून हो लक्ष्य पर "धिरहे"
किस्मत का सितारा जरूर चमकेगा।

                 शैलेन्द्र कुमार धिरहे
             शंकरपाली (छत्तीसगढ़)

1 comment:

  1. Aise hi aage badhte rahiye Jiju.... bhgwan aapko kavi jagat me khub kamyabi de

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