राज्य - बिहार
शीर्षक- नारी
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नारी
हे माँ तू मुझे जन्म देती हैं।
हे बहन मुझसे रक्षा का
वचन लेती हैं।
हे बेटी तू मेरी सेवा करती हैं।
फिर क्यों इस काली दुनिया के
जंज़ीर में बंधी हैं तू,
जहाँ तेरी कोई इज्ज़त नहीं।
क्यों इतनी सहनशील है तू।
क्यों नहीं कुछ बोलती तू।
इस वक्त़ का उपयोग कर
आवाज़ उठा।
बोल दे सबको कि तू ही,
इस दुनिया की रचयिता है।
तू हार मान लेगी तो
सारी सृष्टि हार जाएगी।
ःःःःःःःःःःःःःःःःःःः
डॉ पूनम झा
दरभंगा, बिहार
दिनांक -02/12/19
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