शीर्षक -- हूँ
राज्य -- छत्तीसगढ़
" हूँ "
मैं मानव नही
शैतान हूँ
सब मुझे गाली दे
बेशर्म इंसान हूँ
है ज्यादा बुराइयाँ
अच्छाइयों में कम हूँ
कहते हैं मुझे लोग
समाज में कलंक हूँ
दया ना ममता मुझमें
लोगों के बीच नफरत हूँ
साथ ना बैठने चलने लायक
सब अच्छे मुझसे , मैं नालायक हूँ
खल की प्रवृत्ति मुझमें
सदआचरण से दूर खलनायक हूँ
इसलिये सरकारी बंदूक
के गोलियों का निशाना हूँ
माँ, बहन, बेटी का कर सम्मान
आप सभी से कहता हूँ
नहीं होगी ऐसी दुर्दशा
देश वासियों से कहता हूँ ।
संतोष गुप्ता
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