०१. नाम:- श्रीमती राखी टी सिंह
०२. शीर्षक:- सम्मान का क्षण
०३. राज्य :-महाराष्ट्र
०४. सम्पर्क नं:-
कविता :- सम्मान का क्षण
सम्मान का यह क्षण बडा,
भाव विभोर का क्षण है ।
पिता, पति, भ्राता संग है,
पर हे मां तुझ बिन नम मेरा मन है।।
पर हे मां तुझ बिन नम मेरा मन है।।
प से पिता ने नाम दिया,
ज्ञान दिया, मुझे लक्ष दिया
तो प से पति ने साथ दिया,
मेरे लक्ष का मार्ग, प्रशस्त किया।।
आज समाज में नाम है माँ,
शायद, यह सम्मान ही है माँ
हे जन्म दाती! कैलासा मां,
यह बस तेरा आशीर्वाद ही है माँ।।
यह बस तेरा आशीर्वाद ही है माँ ।।
कई बार ये सोचु तुम बिन अम्मा l
गर होती तुम तो मै और कहाँ होती ll
सच कहती मै तुमको कर नमन अम्मा l
मेरी खुशियाँ दुगुनी नही चौगुनी होती ll
मेरी खुशियाँ दुगुनी नही चौगुनी होती ll
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