नाम- कुन्दन पाटिल
शीर्षक-दर्द भरी रोटियाँ
राज्य-देवास(म•प्र•)
सम्पर्क'-9826668572
दर्द भरी रोटियाँ
इन्सान का
पेट भरा हैं
रोटियों से
इतना खाया की
बदहजमी हो गई
इसी जगह पर
एक इन्सान ऐसा भी
नही मिल पा रही
जिसे दो रोटी
दोनो का ही
पेट दर्द करता हैं
फर्क बस इतना हैं
कोई खा खा कर
पेट दुखाता हैं
कोई भूख के मारे
पेट दुखाता हैं
दर्द दोनो को हैं
जिसे खूब मिले
खाने को रोटियाँ
जिसे न मिले
खाने को रोटियाँ
कैसी है यह रोटियाँ
दर्द भरी रोटियाँ
Ossam
ReplyDeleteNice poem dad
ReplyDeleteNice poem dad and you are best
ReplyDeleteVery nice Kundan ji
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Delete.thanks to all
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