Friday, December 13, 2019

छत्तीसगढ़ से बरखा भाटिया की रचना- चंद पलों के फूल

नाम-बरखा भाटिया
राज्य -छत्तीसगढ़
कविता का शीर्षक-चंद पलों के फूल


इक पन्ने में क्या लिखूं, इस जीवन के गीत
सात सुरों में बंध नही सकता ये संगीत

जीवन की ये धूप कड़ी, ख़ुद जो खोजे छांव
खड़ी अतीत की झील में, चंद यादों की नाव

खुशियां दर्द की रेत पर, पड़ी हैं पलकें मूंद
सूखी पलकों में कहीं,छुपी हुई है बूंद

जाने कब मुखरित होंगे,अपना घूंघट खोल
ख़ुद अपनी ख़ामोशी में, सिमट गए जो बोल

कितने लम्हे लिख गई, ये काजल की कोर
पर न दिल के टुकड़े, बांध सकी गजरे की डोर

इस पथरीली दुनिया में,क्या धड़कन,क्या चाह
सांसें जहां हैं बेबसी,जीना जहां गुनाह

हर उमंग है बंदिनी,कटे हैं जिसके पंख
फिर कैसे मन-मंदिर में, गूंजे हर्षित शंख

अब दोपहर पर्व नहीं, संध्या नही है तीज
बेजान चट्टानों पर, रखें हुए हैं बीज

नीरवता की बाहों से,छिटक पड़े दुकूल
इस जीवन की मुट्ठी में,बस चंद पलों के फूलफूल..

No comments:

Post a Comment

दुर्ग से प्रिया गुप्ता की रचना- चाहत

कवि-प्रिया गुप्ता जिला- दुर्ग राज्य-छत्तीसगढ़ शीर्षक-चाहत विधा-काव्य संपर्क-7974631528  दीवानगी दीवानों की वफ़ा है दोस्तो   काति...