Monday, December 30, 2019

निबंध- नागरिकता संशोधन अधिनियम ~ 2019/ रुपेश कुमार

नाम ~ रुपेश कुमार
राज्य ~ बिहार
शीर्षक ~ नागरिकता संशोधन अधिनियम ~ 2019
      
राष्ट्रवादी लेखकों की लेखनियां जिस आशंका को पिछले कई महीनो से आपके सामने साफ शब्दों मे लगातार स्पष्ट कर रहीं थी...वो CAA के विरोध मे सुनियोजित ढ़ंग से मुसलमानो द्वारा किये गये उत्पात,उपद्रव,हिंसा,आगजनी और तोड़फोड़ के बाद साबित भी हो गई कि इन सबके पीछे का असल कारण CAA नही बल्कि गजवाई सोच है....हम अलग कौम है वाली जेहादी वो मानसिकता है जो पांच साल के राष्ट्रवादी सरकार के नेतृत्व मे अपनी मजहबी क्षुधा के पूरा न हो पाने पर बौखला चुकी है....! मेन स्ट्रीम मीड़िया के अधिकांश चैनेल और अखबार तो फेंकी गई रोटी का कर्ज अदा करने के चक्कर मे अपना जमीर बेच कर मोमिनो की सुविधा के अनुसार न्यूज लिख रहे हैं या दिखा रहे हैं.....खैर अपनी संवैधानिक बाध्यताओं के कारण मोदी जी साफ कहेंगे नही,और कहना भी नही चाहिये........फिर भी उन्होने उपद्रवियों के कपड़ो यानी पहनावे को लेकर इशारा कर दिया था कि कौन लोग है जो ये हिंसा कर रहे हैं.....लेकिन सोशल मीडिया के रणबांकुरों ने भांड मीडिया के दलालों,वंशवादी नेताओं और देश को फूंक देने पर आतुर सक्रीय मजहबी ताकतों की साजिशों,षडयन्त्रो और कुचक्रों को तस्वीरों,वीडियों और आडियो क्लिपो के माध्यम से नंगा करके देश को बता दिया कि CAA के विरोध के बहाने मचाये गये उत्पात की यह साजिश न केवल बेहद सुनियोजित थी बल्कि इसके लिये देश के दूसरे हिस्सों से पत्थरबाजी,आगजनी और उपद्रव फैलाने मे दक्ष ....
अब जब एक एक करके पोल खुल रही है तो पता चल रहा है कि ये भड़ास CAA को लेकर तो कत्तई नही थी.....ये शक्ति प्रदर्शन था.... जिन्ना के उस अगस्त सन् 1946 के फाइनल एक्शन डे की...जब लाखों हिंदू हलाल कर दिये गये थे....उसी का एक प्रयोग किया गया था..
पोस्ट भले ही बड़ी हो जाय लेकिन देश के सनातनी समाज को जानना बेहद जरूरी है कि आजादी के पहले हो चुका कांग्रेस+कम्युनिस्ट+जेहादी गठबंधन ने आजादी के बाद से ही हिंदुत्व की अस्मिता और हिंदुओ के पराक्रमी इतिहास के साथ न केवल खिलवाड़ किया वरन् हिंदुत्व के संस्कारो और हिंदुत्व की विचारधारा मे जातिवादी संक्रमण फैला कर इतना विभाजित तथा भ्रमित कर दिया कि आज एक हिंदू के विरूद्ध कोई और नही हिंदू ही खड़ा होकर कां+कम्यु+जिहादी गठबंधन के षडयंत्रो की राह आसान कर देता है!!!
इतिहास मे बहुत पीछे न जाइये...पानीपत मे भी यही धोखा हुआ था,जब हिंदू ने हिंदू का साथ नही दिया था और जो मुस्लिम मराठों के साथ थे वो तो मजहब के नाम पर विश्वास तोड़ ही गये थे....कई हिंदू सेनापति भी स्वहित के स्वार्थ मे चोला बदल कर विरोधियों की मदद करने लगे थे..........आज भी कांग्रेसी+कम्युनिस्ट+जेहादी गठबंधन मे जितने मुस्लिम कट्टरपंथी हैं,उनसे कही अधिक हिंदू हैं...सोचिये कि ये कैसे हिंदू हैं ,जिनका हिंदुत्व उन स्वधर्मी हिंदुओ के संताप से पीड़ा और वेदना का अनुभव नही करता है जो केवल हिंदू होने के कारण इस्लामी मुल्कों मे दंड भुगतते रहे हैं...केवल सत्ता सुख की लालच मे रोहिंग्याओं और बांग्लादेशी घुसपैठियों का समर्थन फिर भी हिंदू समाज आजादी के बाद भी सहिष्णुता का घूंट पीकर चुप रहा....लेकिन लगभग आधी दुनिया जीतने वाले इस्लाम का ख्वाब पिछली कई सदियों से यहीं,इसी देश मे मात खा रहा है.....भारत को मुल्क ए  शरिया बनाने का उनका अभियान बार बार दम तोड़ दे रहा है....इसी पराजय की हताशा मे वो खीजे है...बेचैन हैं...इसी हताशा,खीज और बेचैनी के कारण वो रह रह कर उछल कूद मचा कर अपने अस्तित्व एवं अपनी ताकत का समग्र भारतीय समाज को एहसास कराने की कुचेष्ठा करते हैं...यही उनकी मदरसे जनित मजहबी शिक्षा है....!

No comments:

Post a Comment

दुर्ग से प्रिया गुप्ता की रचना- चाहत

कवि-प्रिया गुप्ता जिला- दुर्ग राज्य-छत्तीसगढ़ शीर्षक-चाहत विधा-काव्य संपर्क-7974631528  दीवानगी दीवानों की वफ़ा है दोस्तो   काति...