कवि का नाम- चन्द्रभान सिंह अनु
शीर्षक-माँ
राज्य-राजस्थान
सम्पर्क-7062062593
शीर्षक-माँ
राज्य-राजस्थान
सम्पर्क-7062062593
"माँ "
अधूरे सपने पूरा करने वाली,
हार में जीत ढूंढने वाली,
टूटने पर सम्भालने वाली,
बिखरने पर बटोरने वाली,
रुके तो चलाने वाली,
हौंसले से मंजिल तक पहुँचाने वाली,
उपवन कि है वो माली,
माँ ही है ये सब-कुछ करने वाली।।
उसकी आँखों में मेरी राहें,
आश्रय के लिए सदा खुली उसकी बाँहे,
सबको खुश रखना वो चाहे,
सबके लिए अपनी हस्ती मिटाए,
अपना दुःख दर्द किसी को न बताए,
यह त्याग माँ के सिवा कोई न कर पाए,
माँ का कर्ज कोई न उतार पाए,
इसलिए वह भगवान के समान आदर पाए।।
हार में जीत ढूंढने वाली,
टूटने पर सम्भालने वाली,
बिखरने पर बटोरने वाली,
रुके तो चलाने वाली,
हौंसले से मंजिल तक पहुँचाने वाली,
उपवन कि है वो माली,
माँ ही है ये सब-कुछ करने वाली।।
उसकी आँखों में मेरी राहें,
आश्रय के लिए सदा खुली उसकी बाँहे,
सबको खुश रखना वो चाहे,
सबके लिए अपनी हस्ती मिटाए,
अपना दुःख दर्द किसी को न बताए,
यह त्याग माँ के सिवा कोई न कर पाए,
माँ का कर्ज कोई न उतार पाए,
इसलिए वह भगवान के समान आदर पाए।।

Great
ReplyDelete🙏🙏
ReplyDeleteबहुत खुब
ReplyDeleteWha sa Bana ji...
ReplyDeleteबहुत सुंदर कविता
ReplyDeleteGreat गुरु
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