Tuesday, November 12, 2019

राजस्थान से सुभाष सैनी "सृजन" की रचना- देव दीवाली अाई है

नाम - सुभाष सैनी "सृजन"
शीर्षक - देव दीवाली अाई है
राज्य -, राजस्थान
संपर्क सूत्र - 9001019002
........देव दीवाली अाई है .......
अवनी से लेकर अम्बर तक,
                      ज्योतिर्मय आभा छाई है।
मोक्षदायिनी शिवनगरी में,
                      आज देव दीवाली अाई है ।।
तन उल्लसित मन उल्लसित,
                      कण कण में खुशियां छाई है।
देवगणों का अर्चन करने ,
                      आज देव दीवाली अाई है।।
हे देव! पधारो तुम दिव्य धरा पर ,
                     सुधियां मन में हरषाई है ।
संतप्त जनों के ताप हरो तुम,
                    आज देव दीवाली अाई है।।
नववधू - सी श्रृंगारित सुरसरिता,
                    तन मन से हरषाई है।
स्वजनों का पाकर संगम ,
                     आज देव दीवाली अाई है।।
दीप जलाओ दिल न जलाओ,
                       इक - दूजे को गले लगाओ।
समरसता का संचार करने ,
                       आज देव दीवाली अाई है।।
सर्वाधिकार सुरक्षित - मौलिक रचना

9 comments:

  1. शानदार शब्द संयोजन और अद्भुत भाव योजना

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    1. हार्दिक आभार आपका भाई साहब

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    1. हार्दिक आभार आपका प्रोत्साहित करने के लिए

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  3. Waah waah kya bat hai sir ....shaandar

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    1. हार्दिक आभार आपका प्रोत्साहित करने के लिए

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  4. Very good मेरे प्रिय आदर्श गुरुजी

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