कवि राजकुमार पाण्डेय
राज्य छ ग
संपर्क 9691442209
शीर्षक चार साल का बेटू
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पढ लिखकर अफसर बने,
चार साल का बेटू।
जैसे कोई यंत्र चलेगा,
चार साल का बेटू ।
सुबह उठेगा ट्यूशन खातिर,
चार साल का बेटू।
आकर शाला को जायेगा,
चार साल का बेटू।
तीन बजे जब घर आयेगा,
चार साल का बेटे।
थककर बिस्तर ही पकडेगा,
चार साल का बेटू।
पाँच बजे फिर संध्या ट्यूशन,
चार साल का बेटू।
होमवर्क सब साल्व करेगा,
चार साल का बेटू।
मम्मी पापा के ऊँचे सपने
चार साल का बेटू।
कैसे वह नकार सकेगा,
चार साल का बेटू।
टाईम नहीं, कैसे खेलेगा
चार साल का बेटू।
बिन खेले, कैसे खिलेगा,
चार साल का बेटू।
इसके सपने उसके अरमां,
चार साल का बेटू।
बस्ता संग सब कुछ ढोयेगा,
चार साल का बेटू।
सोच रहा हूँ, क्या बला है,
चार साल का बेटू।
बच्चा कोई, या गर्दभ है,
चार साल का बेटू।
राज्य छ ग
संपर्क 9691442209
शीर्षक चार साल का बेटू
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पढ लिखकर अफसर बने,
चार साल का बेटू।
जैसे कोई यंत्र चलेगा,
चार साल का बेटू ।
सुबह उठेगा ट्यूशन खातिर,
चार साल का बेटू।
आकर शाला को जायेगा,
चार साल का बेटू।
तीन बजे जब घर आयेगा,
चार साल का बेटे।
थककर बिस्तर ही पकडेगा,
चार साल का बेटू।
पाँच बजे फिर संध्या ट्यूशन,
चार साल का बेटू।
होमवर्क सब साल्व करेगा,
चार साल का बेटू।
मम्मी पापा के ऊँचे सपने
चार साल का बेटू।
कैसे वह नकार सकेगा,
चार साल का बेटू।
टाईम नहीं, कैसे खेलेगा
चार साल का बेटू।
बिन खेले, कैसे खिलेगा,
चार साल का बेटू।
इसके सपने उसके अरमां,
चार साल का बेटू।
बस्ता संग सब कुछ ढोयेगा,
चार साल का बेटू।
सोच रहा हूँ, क्या बला है,
चार साल का बेटू।
बच्चा कोई, या गर्दभ है,
चार साल का बेटू।
राजकुमार पाण्डेय
चारामा कांकेर 494337
चारामा कांकेर 494337

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