कवि का नाम बजरंग दान चारण
राज्य राजस्थान
कविता का शीर्षक - महान क्रांतिकारी केशरी सिंह बारठ
मोबाइल नम्बर 8949410152
राज्य राजस्थान
कविता का शीर्षक - महान क्रांतिकारी केशरी सिंह बारठ
मोबाइल नम्बर 8949410152
क्रांतिकारी केशरी सिंह बारठ
कविता
बारठ केशरी की किर्ति को याद करो साथियों
उस राष्ट्र भक्त सिंघ को सलाम करो साथियों ।
केशरी ने राजाजी का सोया स्वाभिमान जगाया था
चेतावनी रे चूकट्ये स्यूं जद मेवाङी मान बचाया था ।
मां भारती की आरती को जगमगाकर केशरी ने
आजादी के विप्लव में रजवट का मान बढाया था।
मां भारती के सपूत को सलाम करो साथियों
बारठ केशरी की किर्ति को.....................
देश लुटेरे साधुओं को जिसने हमेशा लूटा था।
साधु प्यारेलाल पे सिघ केशरी ही टूटा था।
केशरीसिंह ने पूरा परिवार आजादी में झोंका था।
फतेहसिंह को दिल्ली दरबार जाने से रोका था।
उनके समर्पित भावों को सलाम करो साथियों
बारठ केशरी की किर्ति को याद................
रासबिहारी जैसे सैनानी जिनके अटल दिवाने थे।
बोस घोष अरु तिलक सरीखे मरहम मतवाले थे।
गुरबती गौरो का केशरी गरूर मिटाने वाले थे।
देशद्रोही भिखमंगों को वे सबक सिखाने वाले थे।
उस वीर की हुंकार को सलाम करो साथियों
बारठ केशरी की किर्ति को याद .............
प्रताप सा प्रतापी बेटा भारत मां को सौंप दिया।
और भ्राता जोरावर को आजादी में झोंक दिया ।
जिनका जवांई ईश्वरी आजादी का दिवाना था।
वो केशरी आजादी की ज्योति का परवाना था।
रजवट के उस गौरव को सलाम करो साथियों
बारठ केशरी की किर्ति को..................
राजाओं को रजवट की सीख सिखाने वाला था।
आजादी की ज्योति को जगमग जगाने वाला था।
वीर केशरी सिंह आजादी का अमर दिवाना था।
जेलों में भी आजादी का पाठ पढाने वाला था।
आजादी के उस सूरज को सलाम करो साथियों
बारठ केशरी की किर्ति को याद करो साथियों
उस राष्ट्र भक्त सिघ को सलाम करो साथियों
जिसने अपना सर त्यागा था, घर त्यागा था।
त्यागा जागीरदारी को
जेलों में ही काटी जिसने, अपनी जिन्दगानी सारी को
प्यारे पुत्र की शहीदगी पर शोक न मनाया जिसने
अहो भाग्य समझ भारत माँ का पुत्र बताया जिसने
आजादी के यज्ञ में चार चार सिर दिये हो जिसने
और बताओ सिवा केशरी इतना त्याग किया किसने
बजरंग दान चारण नाथूसर
व्याख्याता हिन्दी
बारठ केशरी की किर्ति को याद करो साथियों
उस राष्ट्र भक्त सिंघ को सलाम करो साथियों ।
केशरी ने राजाजी का सोया स्वाभिमान जगाया था
चेतावनी रे चूकट्ये स्यूं जद मेवाङी मान बचाया था ।
मां भारती की आरती को जगमगाकर केशरी ने
आजादी के विप्लव में रजवट का मान बढाया था।
मां भारती के सपूत को सलाम करो साथियों
बारठ केशरी की किर्ति को.....................
देश लुटेरे साधुओं को जिसने हमेशा लूटा था।
साधु प्यारेलाल पे सिघ केशरी ही टूटा था।
केशरीसिंह ने पूरा परिवार आजादी में झोंका था।
फतेहसिंह को दिल्ली दरबार जाने से रोका था।
उनके समर्पित भावों को सलाम करो साथियों
बारठ केशरी की किर्ति को याद................
रासबिहारी जैसे सैनानी जिनके अटल दिवाने थे।
बोस घोष अरु तिलक सरीखे मरहम मतवाले थे।
गुरबती गौरो का केशरी गरूर मिटाने वाले थे।
देशद्रोही भिखमंगों को वे सबक सिखाने वाले थे।
उस वीर की हुंकार को सलाम करो साथियों
बारठ केशरी की किर्ति को याद .............
प्रताप सा प्रतापी बेटा भारत मां को सौंप दिया।
और भ्राता जोरावर को आजादी में झोंक दिया ।
जिनका जवांई ईश्वरी आजादी का दिवाना था।
वो केशरी आजादी की ज्योति का परवाना था।
रजवट के उस गौरव को सलाम करो साथियों
बारठ केशरी की किर्ति को..................
राजाओं को रजवट की सीख सिखाने वाला था।
आजादी की ज्योति को जगमग जगाने वाला था।
वीर केशरी सिंह आजादी का अमर दिवाना था।
जेलों में भी आजादी का पाठ पढाने वाला था।
आजादी के उस सूरज को सलाम करो साथियों
बारठ केशरी की किर्ति को याद करो साथियों
उस राष्ट्र भक्त सिघ को सलाम करो साथियों
जिसने अपना सर त्यागा था, घर त्यागा था।
त्यागा जागीरदारी को
जेलों में ही काटी जिसने, अपनी जिन्दगानी सारी को
प्यारे पुत्र की शहीदगी पर शोक न मनाया जिसने
अहो भाग्य समझ भारत माँ का पुत्र बताया जिसने
आजादी के यज्ञ में चार चार सिर दिये हो जिसने
और बताओ सिवा केशरी इतना त्याग किया किसने
बजरंग दान चारण नाथूसर
व्याख्याता हिन्दी

Great work brother
ReplyDeleteबहुत ही शानदार रचना है जी।
ReplyDeleteआपकी रचना हृदय को छू गई
Good bhai Ajit From education & Technology Gyan youtube channel 9680602915
ReplyDeleteSuperb poem sir
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