नाम - रश्मि शाही शर्मा
रायपुर, छत्तीसगढ़
*सोच*
अपनी ख्वाहिशों पर पैबंद लगाए रहता है
इसलिए आदमी खुद से ख़फ़ा रहता है
ये ना समझो आग बुझने के बाद क्या बचा रहता है
चंद दफ्न चिनगारियों के साथ धुआं रहता है
रहता जो कोई और दिल ए गुलिस्तां में न डर था कोई
आदमी खुद को खो देने के डर से सहमा रहता है
रश्मि...
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