रचनाकार :- एस के नीरज
राज्य :- छत्तीसगढ़
संपर्क :- ९९७७०-४५५४०
शीर्षक :-आखिर ऐसा क्यों होता है।
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आखिर ऐसा क्यों होता है
अमीरी गरीबी क्यों होता है
पैदा होते सब एक समान
फिर ऊंच नीच क्यों होता है ।
सबके खून का रंग है लाल
फिर ये भेदभाव क्यों होता है
तू दलित मैं स्वर्ण का बेटा
ऐसा मतभेद क्यों होता है ।
खाते सब एक प्रकार के अन्न
रंग गोरा काला क्यों होता है
सब तो ईश्वर की ही रचना हैं
फिर कुछ को अहं क्यों होता है।
इधर उधर की बातों में पड़कर
अपना वक़्त क्यों खोता है
जब वक़्त निकल जाता हाथ से
तो अपना आपा क्यों खोता है ।
कर्म इंसान के हो गए हैं खराब
वो काटता वहीं जो वो बोता है
जुर्म करके भी लोग आजाद हैं
आखिर ऐसा क्यों होता है ....।
एस के नीरज " अकेला "
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