नाम -- जितेश्वरी साहू
शीर्षक --- "याद"
राज्य ----- छत्तीसगढ़
शीर्षक --- "याद"
राज्य ----- छत्तीसगढ़
लो चली फिर हवाएं उसकी याद की
हौले-हौले ढल रहे अश्क- बरसात की ।
हौले-हौले ढल रहे अश्क- बरसात की ।
ख्यालों में आ मुस्कुरा गया अभी-अभी
हलचल सी मची देखो दबी जज्बात की ।
हलचल सी मची देखो दबी जज्बात की ।
दुआओं में भी जिक्र उन्ही का पल-पल
हर घड़ी है सिलसिला फरियाद की ।
हर घड़ी है सिलसिला फरियाद की ।
निभातें रहें बेशक मन की ही अपनी
अब क्या कसूर दें उस हालात की ।
अब क्या कसूर दें उस हालात की ।
जितेश्वरी साहू सचेता ✍

बहुत ही सुन्दर भाव
ReplyDeleteदिल के जज्बे को उकेरती बेहद हृदय स्पर्शी रचना मेम।
Thank u sir ji
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