Tuesday, November 26, 2019

छ. ग. से शैलेन्द्र चेलक की रचना- तेरी याद

नाम- शैलेन्द्र चेलक
शीर्षक - तेरी याद
सम्पर्क -९०९८५१८९७६
पता - पेंडरवानी , बालोद ,छ. ग.।
        " तेरी याद "
ये मौसम सर्द आवारा ,तन्हा कैसे गुजरेगी ,
दिन कट भी जाये तो , रातें कैसे गुजरेगी ,
यादों का मंजर तो ,पल-पल , हरपल सताती है ,
बिना किये तुमसे बातें , भला ये कैसे गुजरेगी ,
भौरों को ज्यों कलियां ,हमेशा याद रहती है ,
मेरी नजरों को तेरी सूरत की ही , फरियाद रहती है ,
कसक तेरी न होने की , कभी न तोड़ दे मुझको ,
पर तेरी यादों के गुलशन से, दिल आबाद रहती है ,
बसन्त में रस छलकाते आम ,न बौराता तो अच्छा ,
कोयल कू -कू करते गीत ,न गाता तो अच्छा ,
तेरी यादों का मौसम तो, रह -रह कर उमड़ता है ,
दिलों में प्रेम जगाते ये बसन्त ही न आता तो अच्छा ,
मेरे उलझें जीवन में , छोटी सी आस ही हो तुम ,
यह जग घोर निराशा में ,मेरी विस्वास ही हो तुम ,
तेरे होने न होने से फर्क पड़ता नही अब तो ,
तेरी यादों का कारवां करती है, मेरे पास ही हो तुम ,
             -- शैलेन्द्र चेलक --

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