कवि का नाम - परमानंद निषाद
विधा - कविता
शीर्षक- नन्ही परी
राज्य - छत्तीसगढ़
*नन्ही परी*
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मासूम सलोनी प्यारी सी कली,
बातें है उसकी मिश्री सी डाली,
विधा - कविता
शीर्षक- नन्ही परी
राज्य - छत्तीसगढ़
*नन्ही परी*
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मासूम सलोनी प्यारी सी कली,
बातें है उसकी मिश्री सी डाली,
कमसिन है,कोमल है,नाजुक है,
फूलों की खुशबूओं सी इनायत है,
फूलों की खुशबूओं सी इनायत है,
पिता के चेहरे पर मुस्कान आ गई,
मां के दुखों की साथी आ गई,
मां के दुखों की साथी आ गई,
कभी लगता है कुदरत ने कोई बुलबुल उतारी है,
मेरी नन्ही परी है तू मुझे प्राणों से प्यारी है,
मेरी नन्ही परी है तू मुझे प्राणों से प्यारी है,
मासूम सी कली मेरीमेरे प्यारी बहना,
राखी बांधने आ गई ।।
राखी बांधने आ गई ।।
पैरों में घुंघरू बांधकर छमक-छमक वो बाजती,
कभी दादा,कभी दादी,कभी मां के पास भागती,
जैसे वन मे मोर की सुंदर छवि हो नाचती,
कभी दादा,कभी दादी,कभी मां के पास भागती,
जैसे वन मे मोर की सुंदर छवि हो नाचती,

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