Monday, November 25, 2019

राजस्थान से गोविन्द सिंह राव की रचना- अंतस रहा पुकार

कवि - गोविन्द सिंह राव
शीर्षक - अंतस रहा पुकार
राज्य - राजस्थान
मो.- 9772663818
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अंतस रहा पुकार प्रियतम ,
राहे रहा निहार प्रियतम ।
सपनो की सुन्दर बेला मे,
भर दो मेरे बहार प्रियतम ।
    अंतस रहा पुकार प्रियतम
     राहे रहा निहार प्रियतम ।
अंतःकरण में देखो जाकर
कब से तडफ रहा है अंतस,
सुनने को पायल की छमछम,
मधुर मधुर झंकार प्रियतम ।
    अंतस रहा पुकार प्रियतम
     राहे रहा निहार प्रियतम
सावन की झिरमिर बारिश मे,
जब भीगे मेरा झुलसा तन ।
अंतस का हर तार पुकारे,
सीने से लग जाओ प्रियतम ।
     अंतस रहा पुकार प्रियतम
     राहे रहा निहार प्रियतम।
चन्द्र कला बिखरे रातों मे,
जब महके रजनीगंधा ।
मदिर मदिर रातों को मेरी ,
महका दो आकर प्रियतम ।
     अंतस रहा पुकार प्रियतम
     राहे रहा निहार प्रियतम।
             रचयिता - गोविन्द सिंह राव
                         धुम्बडिया,जालोर
                             राजस्थान
                     
                        मो.9772663818

33 comments:

  1. एक वियोगी नायक की अपने प्रियतम से संयोग के लिए उसके अंतःकरण से निकले भावों को अभिव्यक्ति देती कविता
    👌👌👌

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  2. बहुत ही सुंदर कविता जो अपने आप में सब कुछ बयां कर रही है

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  3. Bahut hi sandar,atyant hi madhur bhavo ke sath prasthiti

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  4. प्यार में व्यथीत मन का वर्णन करती शानदार अभिव्यक्ति ।।।

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  5. छाजू राम यादवNovember 25, 2019 at 5:58 AM

    अप्रतिम

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  6. Bharat Verma
    Great... सुपर से भी ऊपर

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  7. 🎩
    😁
    👕👍Great!
    👖
    Bharat Verma

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  8. अप्रतिम अभिव्यक्ति

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  9. सुंदर अभिव्यक्ति

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  10. बहुत ही सुन्दर

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