कवि- सुन्दर लाल डडसेना"मधुर"
शीर्षक- मैं बदल रहा हूँ।
राज्य- छत्तीसगढ़,जिला-महासमुंद
मोब.- 8103535652
9644035652
शीर्षक- मैं बदल रहा हूँ।
राज्य- छत्तीसगढ़,जिला-महासमुंद
मोब.- 8103535652
9644035652
1.शायद मैं
बदल रहा हूँ।
तेरी कई हरकतों से
मैं जिन्दा जल रहा हूँ।
शायद मैं बदल रहा हूँ।
2.तुम मुझे
पूछती हो बारम्बार
मैं जवाबों को सुनकर।
अपने आप को टटोल रहा हूँ।
शायद मैं बदल रहा हूँ
3.तुम मुझसे
लड़ते झगड़ते हो।
तो ऐसा लगता है
कोई शीत युद्ध चला रहा हूँ।
शायद मैं बदल रहा हूँ।
4.तुम जब
शांत रहती हो तो
ऐसा लगता है मानो।
सन्नाटा में मैं जकड़ रहा हूँ।
शायद मैं ही बदल रहा हूँ।
5. तुम शायद
मेरे जीने के ढंग।
बदलना चाहती हो हरदम।
पर मैं मनमर्जी में चल रहा हूँ।
शायद अब मैं बदल रहा हूँ।
6. मेरे लिये
जो दिन रात न सोये।
उनका दिल न दुखे कभी।
मैं चिड़चिड़ा,गुस्सैल,फिक्रमंद हो रहा हूँ।
शायद मैं अब तो बदल रहा हूँ।
7. अपनी
कमजोरी या ताकत को
हथियार बना खामोश रहता हूँ।
पर न जाने मैं कैसे गल रहा हूँ।
अब तो मधुर मैं बदल रहा हूँ।
बदल रहा हूँ।
तेरी कई हरकतों से
मैं जिन्दा जल रहा हूँ।
शायद मैं बदल रहा हूँ।
2.तुम मुझे
पूछती हो बारम्बार
मैं जवाबों को सुनकर।
अपने आप को टटोल रहा हूँ।
शायद मैं बदल रहा हूँ
3.तुम मुझसे
लड़ते झगड़ते हो।
तो ऐसा लगता है
कोई शीत युद्ध चला रहा हूँ।
शायद मैं बदल रहा हूँ।
4.तुम जब
शांत रहती हो तो
ऐसा लगता है मानो।
सन्नाटा में मैं जकड़ रहा हूँ।
शायद मैं ही बदल रहा हूँ।
5. तुम शायद
मेरे जीने के ढंग।
बदलना चाहती हो हरदम।
पर मैं मनमर्जी में चल रहा हूँ।
शायद अब मैं बदल रहा हूँ।
6. मेरे लिये
जो दिन रात न सोये।
उनका दिल न दुखे कभी।
मैं चिड़चिड़ा,गुस्सैल,फिक्रमंद हो रहा हूँ।
शायद मैं अब तो बदल रहा हूँ।
7. अपनी
कमजोरी या ताकत को
हथियार बना खामोश रहता हूँ।
पर न जाने मैं कैसे गल रहा हूँ।
अब तो मधुर मैं बदल रहा हूँ।
सुन्दर लाल डडसेना"मधुर"

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