Monday, October 21, 2019

छत्तीसगढ़ से कवि गिरिजा प्रसाद पाण्डे की रचना- मिट्टी के दीप


1.कवि का नाम-गिरिजा प्रसाद पाण्डे
2.राज्य-छत्तीसगढ़(कोण्डागाँव)
3.शीर्षक- मिट्टी के दिये
4.सम्पर्क-9691760900

               "मिट्टी के दिये"

तन माटी का माटी के लिए ।
भौसागर में कोई नही अमरत्व लिए।
न राधा ना श्याम,ना  श्रीराम-सिये।
आओ सब मिलकर जलायें,मिट्टी के दिये।।
हमने माटी से सबकुछ लिये ।
परन्तु माटी को कुछ न दिये ।
सब मिलकर कुछ करें माटी के लिए।
आओ सब मिलकर जलायें मिट्टी के दिये।।
आये हैं खाली हाँथ,नही जाना कुछ लिये।
थोड़ा जिलो अपने,और कुच्छ अपनों के लिए।
बाँटलो खुशियाँ,मुस्कान चेहरे पर लिए।
आओ सब मिलकर जलायें मिट्टी के दिये।।
मन में सदैव सदभाव लिए ।
रौशन हो घर उसका भी,जिस्से हमने दिये लिए।
देंगे तुमको लाख दुआ,हँसी होठों पे लिए।
आओ सब मिलकर जलायें,मिट्टी के दिये।।
दिपों से सजेगी दहलीज,घरों पर मंगलगान किए।
हर्षित होगा मन-उपवन शुभ मुस्कान लिए।
होगी प्रकृति प्लास्टीक मुक्त, स्वास्थ्यमय वातावरण लिए।
आओ सब मिलकर जलायें मिट्टी के दिये।
               गिरिजा प्रसाद पाण्डे
                कोण्डागाँव(बस्तर)

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