कवयित्री - इन्दु कुमारी
राज्य - झंझारपुर, मधुबनी बिहार
शीर्षक - समंदर का किनारा
सम्पर्क सूत्र -
राज्य - झंझारपुर, मधुबनी बिहार
शीर्षक - समंदर का किनारा
सम्पर्क सूत्र -
समंदर का किनारा
समंदर के किनारे पर आज
मुस्कुराहटों का आलम है
ऐसा लगता है आज तुम्हारे
आहटो का मौसम है
मुस्कुराहटों का आलम है
ऐसा लगता है आज तुम्हारे
आहटो का मौसम है
जो बिछड़ कर भी
अपनी याद छोड़ जाते हैं
समंदर के किनारे ये पैगाम
दें जाते हैं
अपनी याद छोड़ जाते हैं
समंदर के किनारे ये पैगाम
दें जाते हैं
वन में हिरण
कस्तूरी को तलाशता है
उपवन में भबरा
फूल को तलाशता है
कस्तूरी को तलाशता है
उपवन में भबरा
फूल को तलाशता है
नयनों की आश
प्रियतम के अक्स का नजारा होती है
कश्ति की मंजिल
समंदर का किनारा होती है
प्रियतम के अक्स का नजारा होती है
कश्ति की मंजिल
समंदर का किनारा होती है
इन्दु कुमारी
झंझारपुर, मधुबनी बिहार
झंझारपुर, मधुबनी बिहार

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