Friday, October 11, 2019

मध्यप्रदेश से कवि शशांक दुबे की रचना- दशानन

शशांक दुबे
शीर्षक:-दशानन
राज्य:-मध्यप्रदेश
संपर्क-9893818168

बोला रावण जलते हुए
अट्टाहास करते हुए
आए हो मुझको जलाने
या अमर मुझको बनाने

हाँ पड़ा है कष्ट भीषण
साथ उनके है विभीषण
उसका छल स्मृत कराने
या अमर मुझको बनाने
आए हो मुझको जलाने...

मैं नहीं पर नाम ज़िंदा
मुझसे ही तो राम ज़िंदा
याद मुझको ये दिलाने
या अमर मुझको बनाने
आए हो मुझको जलाने...

मैं हृदय सबके विराजित
फिर भला क्यों हूँ पराजित
यश-वैभव मेरा बढ़ाने
या अमर मुझको बनाने
आए हो मुझको जलाने...

बोला रावण जलते हुए
अट्टाहास करते हुए........

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