कवि का नाम- भूपेन्द्र देवांगन "रहस्य"
शीर्षक-गरीब
राज्य- छत्तीसगढ़
सम्पर्क नं.-7879803946
कविता-गरीब
हमन गरीब अन साहब आप मन अमेरी के रुखवा
हमन गड़े रहिथन भुइया म तुहर ऊपर बैठे घुघवा
हमन दिन आऊ रात जाघन तोड़ कमाथन
बनी भूती ला कर के लईका मन ला पढ़ाथन
एक अक्षर जनान नहीं दू अक्षर ला पढ़ाथन
बनादो एकरो जिंगी गुरुजी ला गोहराथन
हमन बनिहार सगा खेत हमर मितान ए
हलधर हसिया यही हमर पहचान हे
हमन गरीब अन साहब हमर अलगे चिन्हरी ए
हमन रोज बनी करन का बुधवारी का इतवारी ए
हमन बनिहार सगा इहि माटी मा मिलना हे
जात पात धर्म तो मानुष तन के लिखना हे
मानुष मन ला काबर छुवा छूत हा घेरे हे
जब जानत हे परलोकिया हा सब ला एके बना के भेजे हे
कवि का नाम- भूपेन्द्र देवांगन "रहस्य"
very nice peot
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