कवि:- संजय वासनिक
शीर्षक:-कवी की कविता
पता:- चेंबुर , मुंबई, महाराष्ट्र
भ्रमणध्वणी :- ९८६९०८१४८४.
———————————-
*कवि की कविता*
किसी ने मुझसे कहा,
के वाह! भाई क्या लिखते हो,
मंत्रमुग्ध अपने शब्दों से,
हर बार तुम कर देते हो,
मैंने उनसे कहा की ये दोस्त ...
मेरे शेर, मेरी शायरी,
मेरी कवितांये
कहा मेरी अपनी है,
किसी बेटी के,
किसी माँबाप के ,
किसी प्रेमी के,
बस ये कुछ सपने है....
मै लिखता नही,
समेटता हुँ उन्हे शब्दोमे,
कुछ अल्फ़ाज़ ...
किताबों मे जो,
कभी छपे होते है ...
कही किसी पन्ने पर,
बिखरे बिखरेसे...
भटक रहे होते है ,
बस उन्हें समेटकर
कलम अपनी चलाकर,
कहानी उनकी बनाता हुँ ...
रास्ते पर बिखरे कुछ
आवारा पन्नोपर अक्सर
मिल जाते है मुझे कुछ लफ्ज,
उठा लेता हुँ वहीं से और
केवल वक्त बन जाता हुँ
एक लड़ी मे उनको पिरोता हुँ
एक धागा हुं मै,
सुई मेरी कलाम है,
चल देता हुं युही मनचला सा,
फिर से किसी राह पर,
आवारा लफ़्ज़ों को ढुंडने ...
यह जो बात सराही है तुमने,
ये पीड़ा उनकी सही है मैंने ,
सब कुछ इन आंखोने देखा है
मैंने तो केवल शब्दों में कही है....
जो कुछ देखता हु,
आसपास मै मेरे ,
ना जाने कैसी तकलीफ मे,
जीते है कई लोग,
जो जिंदा कहलाते है,
उन सबके, दुख दर्द के
अफसानो को बाँधकर
अपनी दिल की पोटली में...
एक एक कर,
जोडने की, पिरोने की,
करता कोशिश हुँ
तभी शायद सहता हुं,
प्रसव पिडा को...
और जन्म देता हुं,
कोई शेर, कोई गज़ल,
या किसी कविता को...
जो किसीके के मन को छूती है,
किसीके गम को भरती है,
शायद किसीके अपने
शब्दों के जरिये,
सपने नए दिखाता हुँ ...
कुछ अधूरे, कुछ पुरे ...
ख्वाबो को जागता हुँ ....
# संजय वासनिक" वासु"....
Being Technical person thinking about poetry Amazing
ReplyDeleteKeep it up Sanjaji
बहोत बढीया संजय.मेरी शुभकामनाए
ReplyDeleteSuperb sirji
ReplyDeleteKhopch chan
ReplyDeleteMind blowing
Nice word arrangement which feels story in front of eyes
Best👍💯 compliments
Extremely beautiful sir!!!
ReplyDeleteसर , सपने नये दिखाता हू।।।। आप की 'कवी कि कविता' विचार प्रवाह ही अलग है ।।।।। खूप खूप सुंदर......
ReplyDeleteVery nice poem , read twice .All the best wishes for next poem.
ReplyDeleteUncle, wonderful..no words to Express way the words flow in poem..🙏🙏🙏
ReplyDeleteBahut khoob Sanjay ji.....ek kavi ki aantarik bhaavnaaon ka nichod hai ye👍👌
ReplyDeleteVery beautiful poem ,read twice,all the best wishes for next poem.
ReplyDeleteFrom : Sunil tyagi
Great
ReplyDeleteWonderful
ReplyDeleteखूप छान रचना
ReplyDeleteVery good Dada.... Keep it up 👍
ReplyDeleteकवि के आंतरिक भावना को शब्दों में अच्छी तरह से व्यक्त किया गया है।
ReplyDelete