कवयित्री - रश्मि अग्निहोत्री
राज्य- छत्तीसगढ़
शीर्षक - प्रेम-पत्र
सम्पर्क -
राज्य- छत्तीसगढ़
शीर्षक - प्रेम-पत्र
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आते -जाते गली चौराहों पर
मिल ही जाते हो हमें तुम।
पहले लगा इतिफाक है
फिर लगा कोई तो बात है।।
मिल ही जाते हो हमें तुम।
पहले लगा इतिफाक है
फिर लगा कोई तो बात है।।
वो छुपकर नजरें चुराना
न देखा न देखेंगे तुम्हें हम।
वो अंदाज़ झूठा जताना
तौबा वो कैसे बहाने बनाना।।
न देखा न देखेंगे तुम्हें हम।
वो अंदाज़ झूठा जताना
तौबा वो कैसे बहाने बनाना।।
एक दफा सोचा मैंने
तुमसे मुलाकात करें।
पर तुम्हारा ख्याल है
की छोड़ता ही नही।।
तुमसे मुलाकात करें।
पर तुम्हारा ख्याल है
की छोड़ता ही नही।।
सोच रहे हैं ये कसम से
तुम दूर न हो जाओ हमसे।
बीत न जाये ये भी सत्र
लिख ही दे तुम्हें #प्रेमपत्र।।
तुम दूर न हो जाओ हमसे।
बीत न जाये ये भी सत्र
लिख ही दे तुम्हें #प्रेमपत्र।।
#रश्मि अग्निहोत्री
केशकाल, जिला कोंडागांव
केशकाल, जिला कोंडागांव

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