Monday, October 14, 2019

छत्तीसगढ़ से कवयित्री जितेश्वरी साहू सचेता की रचना- चंदा बन जाहूं ओ


नाम ---- जितेश्वरी साहू सचेता
शीर्षक ---  "चंदा बन जाहूं ओ "
राज्य ----- छत्तीसगढ़
कविता ---
पढ़-लिख जाहूं दाई नाम ल जगाहूं  ओ ,
सुरूज नही तो मैं हर चंदा बन जाहूं ओ ।
किरण बेदी , पी. वी. सिंधु
होईन देश के बेटी ओ
आगास ल छू के आईन
अइसन-अइसन बेटी ओ
आशा के पांख लगा के
मैं घलो उड़ जाहूं ओ ....
सुरूज नही तो मैं हर चंदा बन जाहूं ओ ........
रानी लक्ष्मी, दुर्गावती
होईस कर्मा माई ओ
मदर टेरेसा , इंदिरा गांधी
जग म नाम कमाइस ओ
साहस के शस्त्र उठा के
देश बर लड़ जाहूं ओ.....
सुरूज नही तो मैं हर चंदा बन जाहूं ओ ........
राधा-सीता , मीराबाई
अहिल्या, शबरी माई ओ
यम ले तको जे हर भिड़गे
सावित्री वो नारी ओ
सत के खातिर मैं हर बढ़के
इतिहास नवा बनाहूं ओ ....
सुरूज नही तो मैं हर चंदा बन जाहूं ओ....
पढ़-लिख जाहूं दाई नाम ल जगाहूं ओ,
सुरूज नही तो मैं हर चंदा बन जाहूं ओ ।
जितेश्वरी साहू ✍

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