Monday, October 14, 2019

छत्तीसगढ़ से कवयित्री किरण सोम की रचना- कैसे होही बस्तर के बिकास

कवियित्री का नाम : किरण सोम
राज्य-: छत्तीसगढ़
शीर्षक -: कैसे होही बस्तर के बिकास
मोबाइल नंबर :

*कैसे हो ही*
          *बस्तर के बिकास*
^^^^^^^^^β^^^^^^^^^^^^^^^^^

कैसे होही,
मोर बस्तर के विकास..?
संगी सोंचत हवं त,
आंखि ले आँसू आथे |

कतको दाई ददा मन,
दे दिन अपन बेटा के बलिदान,
कइसे होही,
हमर बस्तर के विकास,
जिहां वीर सपूत मन के,
लहू मिले हे माटी मा,
अउ कतिक मांग ही,
ये भूइयां हा,
वीर सपूत मन के बलिदान,
कइसे होगे हे मनखें हा,
थोकिन दुख पीरा नई लागे,
का होही हमर बस्तर के,
संगी सोचत हंव त,
आंखि ले आँसू आथे |

कइसे रहत होंही,वो दाई ददा,
जेखर बुढ़ापा के लाठी ह गवां गे,
कैसे रही,वो विधवा नारी हा,
जेकर हाथ के चूरी अउ,
मांग के सेंदूर मिटागे,
कईसे हो ही,
हमर बस्तर के विकास,
संगी सोंचत हंव त,
आंखि ले आँसू आथे |
*✒किरण सोम*
कांकेर,बस्तर,छत्तीसगढ़

16 comments:

  1. Shandar jordar jabrdst kiran ji nice

    ReplyDelete
  2. #good thinkings all the best nice msg 🙏

    ReplyDelete
  3. बहुत मार्मिक एंव विचारणीय रचना

    ReplyDelete
  4. सुंदर रचना है।।।

    ReplyDelete
  5. बहुत सुन्दर भाव पूर्ण पंक्ति है बहन इसी तरह ई श्वर और आगे बढ़ने की शक्ति दे तु महे

    ReplyDelete
  6. बहुत सुंदर रचना है।

    ReplyDelete

दुर्ग से प्रिया गुप्ता की रचना- चाहत

कवि-प्रिया गुप्ता जिला- दुर्ग राज्य-छत्तीसगढ़ शीर्षक-चाहत विधा-काव्य संपर्क-7974631528  दीवानगी दीवानों की वफ़ा है दोस्तो   काति...