Monday, October 7, 2019

छत्तीसगढ़ से कवि राजकुमार  पाण्डेय की रचना- दशहरा

कवि  राजकुमार  पाण्डेय
शीर्षक  दशहरा
राज्य    छ ग
संपर्क  9691442209
क्षणिकिएँ
     1
रावण
कचरे के ढेर पर
खड़ा होता है।
इसीलिए
इतना बड़ा होता है।।
    2
दशहरे के दिन
हम राम से अधिक
रावण को सजाते हैं,
क्योंकि हम
अपने आपको
रावण के नजदीक  पाते हैं।।
        3
दशहरे के दिन
रावण जलता है।
फिर सालभर
हमारे
अंतर में पलता है।।
    4
दशहरा के पर्व से
पता चलता है -
बुराई का गढ
कितना भी बड़ा हो
एक दिन ढहता है।।
     5
दशहरा  मनाओ,
मन के रावण को
जलाओ।
राम की अच्छाइयाँ
साथ ले आज।।
    राजकुमार  पाण्डेय
  चारामा  9691442209

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