कवि राजकुमार पाण्डेय
शीर्षक दशहरा
राज्य छ ग
संपर्क 9691442209
क्षणिकिएँ
1
रावण
कचरे के ढेर पर
खड़ा होता है।
इसीलिए
इतना बड़ा होता है।।
2
दशहरे के दिन
हम राम से अधिक
रावण को सजाते हैं,
क्योंकि हम
अपने आपको
रावण के नजदीक पाते हैं।।
3
दशहरे के दिन
रावण जलता है।
फिर सालभर
हमारे
अंतर में पलता है।।
4
दशहरा के पर्व से
पता चलता है -
बुराई का गढ
कितना भी बड़ा हो
एक दिन ढहता है।।
5
दशहरा मनाओ,
मन के रावण को
जलाओ।
राम की अच्छाइयाँ
साथ ले आज।।
राजकुमार पाण्डेय
चारामा 9691442209
Monday, October 7, 2019
छत्तीसगढ़ से कवि राजकुमार पाण्डेय की रचना- दशहरा
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बढ़िया सर
ReplyDeleteबढ़िया सर
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