नाम - सुभाष सैनी "सृजन"
विधा - कविता
शीर्षक - नन्हीं परी
राज्य - राजस्थान
सम्पर्क सूत्र - 9001019002
विधा - कविता
शीर्षक - नन्हीं परी
राज्य - राजस्थान
सम्पर्क सूत्र - 9001019002
""""""""""""""। नन्हीं परी """""""""
नन्हीं परी दिल की मेरी,
पास आओ ना।
रूठकर मुझ से न कभी,
दूर जाओ ना।।
हृदय का स्पंदन हो तुम,
हो खुशियों का खजाना ।
नन्हीं परी दिल की मेरी,
पास आओ ना।
रूठकर मुझ से न कभी,
दूर जाओ ना।।
हृदय का स्पंदन हो तुम,
हो खुशियों का खजाना ।
घर की हो रौनक हो या तुम,
तुलसी चंदन का बाना।।
तुलसी चंदन का बाना।।
नन्हीं परी दिल की मेरी ,
पास आओ ना ।
पापा के अनसुलझे ,
गेसुओं को सुलझाओं ना।।
पापा प्यारे दिल को मेरे,
एक बात बताओ ना।
लड़का लड़की में है भेद क्यों? ,
मुझे समझाओ ना।।
पास आओ ना ।
पापा के अनसुलझे ,
गेसुओं को सुलझाओं ना।।
पापा प्यारे दिल को मेरे,
एक बात बताओ ना।
लड़का लड़की में है भेद क्यों? ,
मुझे समझाओ ना।।
नन्हीं परी दिल की मेरी ,
बात तुम सुनो ।
हो जीवन में जो भी सही
बस केवल उसे चुनो।।
है अल्प ज्ञानी ही सदा,
जो करते हैं भेदभाव ।
ब्रह्मा की इस सृष्टि में ,
होते हैं सभी सम - भाव।।
बात तुम सुनो ।
हो जीवन में जो भी सही
बस केवल उसे चुनो।।
है अल्प ज्ञानी ही सदा,
जो करते हैं भेदभाव ।
ब्रह्मा की इस सृष्टि में ,
होते हैं सभी सम - भाव।।

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