Wednesday, October 2, 2019

महाराष्ट्रा से संजय जैन की रचना- दो लालो का जन्म

संजय जैन (मुम्बई)
राज्य : महाराष्ट्रा
विधा कविता
शीर्षक *दो लालो का जन्म*

2 अक्टूबर का दिन, कितना महान है।
क्योकि जन्मे इस दिन दो भारत मां के लाल है।।

सोच अलग थी दोनों की,
पर थे समर्पित भारत के लिए।
इसलिए दिनों को हम लोग याद करते है।
और दोनों के प्रति,
श्रध्दा सुमन अर्पित करते है।
और उन्हें दिल से आज
याद करते है।।

सत्य अहिंसा के बल पर
हमे दिलाई आज़दी।
और सत्यग्रह करके
मजबूर कर दिया
अंग्रेजो को ।
और उन्हें छोड़ना पड़ा
भारत देश को।
और मिल गई हमे आज़दी
सत्य अहिंसा के पथ पर
चलकर।।

याद करो उन छोटे कद वाले इंसान को।
जो सोच बहुत बड़ी रखते थे।
और हर कार्य भारत के हित मे करते थे।
तभी तो उन्होंने नारा दिया था,
जय जवान जय किसान।
ये ही है भारत की आन मान और शान ।।

दोनों के प्रति आदर भाव रखते हुए।
हम उन्हें श्रध्दांजलि अर्पित करते है।
और भारत माँ को प्रणाम करते है।
कि ऐसे लालो को आपने जन्म दिया हिंदुस्तान में।।

संजय जैन (मुम्बई)
02/10/2019

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