Thursday, October 17, 2019

छत्तीसगढ़ से कवयित्री सीमा साहू की रचना- अजब छत्तीसगढ़ के गजब रूप


नाम-सीमा साहू
राज्य-छत्तीसगढ़
शीर्षक_अजब छत्तीसगढ़ के गजब रूप
मो नं


भारत भुंइहा में हावय,भइया
किसम किसम के नाम
फेर एक धाम से सबले बढ़िया
छत्तीसगढ़ हे नाम।।
सरी राज के मन हा ,खाते कमाये बर आथे
शिक्षा के धानी हरे हमर भेलई
इहीच हमर जिंदगानी हे।
छत्तीसगढ़ बोली , शिवनाथ
के पानी हे।
देख तो हमर छत्तीसगढ ला
करमा,ददरिया, पंथी ,सुआ
हम गाथन जी, पंडवानी, रामायण
गीता अव संस्कार के धानी हे।।
देख तो हमर छत्तीसगढ ला
पंजाब सही दिखथे जी।
जघा जघा म येहर सिंधी के
सिंध सही दिखथे जी।।
ओलकी कोलकी म अंध्रा,तमिल सही दिखथे
केरल कर्नाटक घलो हमर छत्तीसगढ दिखथे
हरियाणा, मारवाड़ संग ये फबे
हुब हुब दिखथे जी
छत्तीसगढ़ तो हावय भैया
जइसे सूरज के हे धाम।
गुजराती के सौराष्ट्र इहां,मराठा के
महाराष्ट्र
असमिया के आसाम इंहा , बंगाली के बंगाल।
उड़िया मन के उड़ीसा,इहेच गोरखा के नेपाल।
इंहेच बिहारी के बिहार हावे,
के उत्तरप्रदेश के चौपाल।।
छत्तीसगढ़ के भारत लहुटगे,
ये माटी ला परनाम।।
फेर एक......
छत्तीसगढ़ महतारी कहिथे,अपन
लोग लइका मन ला।
आनेच मन अव लानतेच,सगा सोधर मन ला।
त हमन काबर जावत हन भैया
अपन घर कुरिया ला।
छत्तीसगढ़ दाई कलपत हे
झन जा बेटा छोर के मोर
अंचराला।
काबर जाबे बेटा,इंहा हे सब के धाम।।
फेर एक धाम से सबले बढ़िया छत्तीसगढ़ हे नाम।।
जय श्री राम जय श्री राम
हरे हमर भैया,माता कौशल्या
के धाम।
छत्तीसगढ़ ला परनाम, छत्तीसगढ़ ला परनाम।।

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