कवित्री- माधवी गणवीर
शीर्षक- एक दीप
राज्य- छत्तीसगढ़
शीर्षक- एक दीप
राज्य- छत्तीसगढ़
दीप जलाए........
उनकी याद में,
जो सत्य ज्ञान से
अवगत कराया,
अंधेरो के दलदल से
हमे निकाला,
मन मे ज्ञान का
फैलाया प्रकाश।
एक दीप उनके नाम....
जिन्होंने अपना किया बलिदान
इतिहास में उनका नही नाम,
भूले हम उनका बलिदान
उनके त्याग को करते सलाम।
एक दीप उनके नाम........
जो अपने घर के थे चिराग
जिन्होंने किया न कोई अपराध
नक्सलियों की भेंट चढ़े,
वो सारे अनाम।
एक दीप उनके नाम.........
जहां गरीबी लाचारी है,
दिन-दुखी दृष्टिहीन है,
नही है जिनका कोई सहारा
खुशियां भर दे रोशनी द्वारा।
एक दीप उनकी याद में.......
उन अनाम बेटियों के नाम,
जो थी कल की शान,
क्रूर हिंसा की हुई शिकार,
धरती माँ हुई तार -तार,
शर्मशार है देश आजाद,
आओ जलाएं एक दीप उनके
आत्म शांति के नाम।
उनकी याद में,
जो सत्य ज्ञान से
अवगत कराया,
अंधेरो के दलदल से
हमे निकाला,
मन मे ज्ञान का
फैलाया प्रकाश।
एक दीप उनके नाम....
जिन्होंने अपना किया बलिदान
इतिहास में उनका नही नाम,
भूले हम उनका बलिदान
उनके त्याग को करते सलाम।
एक दीप उनके नाम........
जो अपने घर के थे चिराग
जिन्होंने किया न कोई अपराध
नक्सलियों की भेंट चढ़े,
वो सारे अनाम।
एक दीप उनके नाम.........
जहां गरीबी लाचारी है,
दिन-दुखी दृष्टिहीन है,
नही है जिनका कोई सहारा
खुशियां भर दे रोशनी द्वारा।
एक दीप उनकी याद में.......
उन अनाम बेटियों के नाम,
जो थी कल की शान,
क्रूर हिंसा की हुई शिकार,
धरती माँ हुई तार -तार,
शर्मशार है देश आजाद,
आओ जलाएं एक दीप उनके
आत्म शांति के नाम।
माधवी गणवीर
राजनादगांव
राजनादगांव

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