नाम -सीमा साहू
राज्य-छत्तीसगढ़
शीर्षक-रामचरित मानस
मो -9406210457
रामचरितमानस
यह शरीर अयोध्या हैं
तन में बसने वाले राम
को मेरा सादर प्रणाम
रा से -रामचरित मानस से जीवन सुंदर साकार बना ।
म से-माता सीता का हनुमान को दुलार मिला।
च -चरित्र हो सुंदर यह रामायण सिखाती हैं।
रि-रीत नियम से राम जी करते अहंकार का नाश।
त-तर जाता है पापी भी जिसने लिया है राम का नाम।
मा-मारा जाता है मैं कहने वाला अंहकारी रावण।
न-नष्ट करो मन से मैं रुपी रावण को।
स-समरसता हो परिवार में
बनें अयोध्या सा धाम।
बोलिए एकता के स्वर में
जय श्री राम जय श्री राम
तन हो राम,मन हो राम,आत्मा राम।
जय श्रीराम जय श्रीराम🙏
सीमा साहू सुभाष नगर दुर्ग/भिलाई
Tuesday, October 8, 2019
छत्तीसगढ़ से सीमा साहू की रचना- रामचरित मानस
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