कवि-सुन्दर लाल डडसेना"मधुर"
राज्य-छत्तीसगढ़,जिला-महासमुंद
शीर्षक- विजयादशमी का पर्व
राज्य-छत्तीसगढ़,जिला-महासमुंद
शीर्षक- विजयादशमी का पर्व
मोबाइल- ८१०३५३५६५२
९६४४०३५६५२
९६४४०३५६५२
लोभ,काम,क्रोध,मोह की अग्नि में इंसान जल रहा है।
रावण रूपी पुतले को जला खुद इंसान गल रहा है।
मन में छिपे रावण का अंत करना पड़ेगा।
या एक दिन जीवन में खुद से ही जलना पड़ेगा।
औरों की गलती बहुत देखी,अंतःकरण को भी निहारो।
राम अब आने वाला नहीं,खुद राम बन जीवन तारो।
मैंने सच को झूठ के आगे नतमस्तक होते देखा है।
अब तो राम को रावण संग विचरण करते देखा है।
बुराई पर अच्छाई की जीत का पर्व है विजयादशमी।
सत्य की असत्य पर विजय का गर्व है विजयादशमी।
रावण रूपी पुतले को जला खुद इंसान गल रहा है।
मन में छिपे रावण का अंत करना पड़ेगा।
या एक दिन जीवन में खुद से ही जलना पड़ेगा।
औरों की गलती बहुत देखी,अंतःकरण को भी निहारो।
राम अब आने वाला नहीं,खुद राम बन जीवन तारो।
मैंने सच को झूठ के आगे नतमस्तक होते देखा है।
अब तो राम को रावण संग विचरण करते देखा है।
बुराई पर अच्छाई की जीत का पर्व है विजयादशमी।
सत्य की असत्य पर विजय का गर्व है विजयादशमी।
सुन्दर लाल डडसेना"मधुर"
ग्राम-बाराडोली(बालसमुंद),पोस्ट-पाटसेन्द्री
तह.-सराईपाली,जिला-महासमुंद(छ.ग.)
मोब. ८१०३५३५६५२
९६४४०३५६५२
ग्राम-बाराडोली(बालसमुंद),पोस्ट-पाटसेन्द्री
तह.-सराईपाली,जिला-महासमुंद(छ.ग.)
मोब. ८१०३५३५६५२
९६४४०३५६५२

Nice.....
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