Monday, September 16, 2019

मध्य प्रदेश से कवि रशीद अहमद शेख 'रशीद' की रचना- दीप अभी तू जलते रहना!

कवि- रशीद अहमद शेख 'रशीद'
राज्य-मध्य प्रदेश
संपर्क-9827508664
शीर्षक-दीप अभी तू जलते रहना!

दीप अभी तू जलते रहना!

अभी पात्र में स्नेह शेष है
बाती में इच्छा विशेष है!
आलोकित कण-कण करने में
रंच मात्र भी नहीं रेष है!

शुभ है क्रम शुभ चलते रहना!

माना अरि है झंझावात
दीपशिखा सहती आघात!
प्राणदायिनी वायु कभी
आंधी बन आती आपात!

जीवन व्रत है पलते रहना!

तम छाया है  चारों ओर
मीलों दूर अभी है भोर!
रूठे नहीं अभी ज्योति क्रम
टूटे न किरणों की डोर!

अंधकार को छलते रहना!
            दीप अभी  तू जलते रहना!
           -रशीद अहमद शेख 'रशीद'

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