Monday, September 16, 2019

छत्तीसगढ़ से कवि उमेश मंडावी की रचना- अच्छे दिन आ गये(व्यंग्य)

कवि का नाम - उमेश मंडावी
शीर्षक - अच्छे दिन आ गये
(व्यंग्य)
संपर्क - पोस्ट आफिस कोंडागांव
जिला - कोंडागांव  मो .नम्बर 9425593455
राज्य- छत्तीसगढ़

अच्छे दिन आ गये
एक बच्ची ने अपनी माँ से पूछा
माँ  ! लोग कह रहे हैं कि
अच्छे दिन आ गये
अच्छे दिन आ गये
अच्छे दिन आ गये
क्या वाकई अच्छे दिन आ गये है?
पेट्रोल डीज़ल केरोसीन
के दाम बढ़ गये है
बस ट्रेन का किराया बढ़ गया है
दाल आटा सब्जी के दाम बढ़ गये
नया मोटर कानून आ गया है
चालान की दरें कई गुना बढ़ गई
भ्रष्टाचार बहुत बढ़ गया है
,,ट्रैफिक पुलिस वालों की
चांदी हो गई है
मँहगाई बेतहाशा बढ़ गई है
क्या यही है अच्छे दिन ?
यदि हाँ तो-
हमारे बुरे दिन ही अच्छे थे ,
चावल दाल रोटी सस्ती थी
पेट्रोल डीज़ल केरोसीन सस्ते थे
मंहगाई कम थी
माँ ने कहा-
बेटा ! कभी किसी सरकार ने,
नही कहा कि-
जनता के गरीबो के  ,
अच्छे दिन आयेंगे,
अच्छे दिन तो आये है
परंतु-
नेताओ के उनके चमचो के,
बड़े बड़े व्यापारियो के,
बड़े बड़े अधिकारियों के,
बच्ची ने पूछा-
माँ ! क्या आम जनता के,
अच्छे दिन कभी नही आयेंगे ?
माँ ने कहा-
जनता के अच्छे दिन आना
बहुत ही मुश्किल है
पर असंभव बिल्कुल नही है
सुनो-
जिस दिन देश के नेता भी
कुपोषण के शिकार होने लगेंगे
जिस दिन सत्तापक्ष का -
एक भी नेता या
मंत्री भूख से मरेगा |
आम आदमी खुशी खुशी कहेगा,
अच्छे दिन आ गये |
अच्छे दिन आ गये |
अच्छे दिन आ गये |

1 comment:

  1. Very nice sir
    मानवीय जीवन के पीड़ा को सच्चाई के साथ उजागर करती हुई
    कविता...💐

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