नाम - देवव्रत कर शर्मा
शीर्षक- 🌹🌹 मां 🌹🌹
पता- गांधी नगर सुकमा
राज्य- छत्तीसगढ़
मोबाइल- 7587373238
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मां अतीत में क्यों खोई हो ?
आज फिर तुम क्यों रोई हो?
निज क्लान्ति के धागों से क्यों
शत् दुखों के मोती पिरोयी हो?
माँ तेरे पैरों के महावर
अब फीकी पड़ रही है।
विषाद की गहरी रेखा
चेहरे पर झलक रही है ।।
माँ तेरे आंसू मुझसे
अब देखे नही जाते हैं ।
उदर भूख की ज्वाला
मुझसे सहे नहीं जाते हैं ।।
माँ धीरज अब तो धर ले
सब क्लान्ति मिटा दूंगा ।
तेरी चरणों में सुख की
गंगा अविरल बहा दूंगा ।।
माँ खोल आंखें देख मुझे
ये तेरा कैसा उपवास है।
माँ क्यों नीरव के साथ है
माँ बोल तु क्यों उदास है।।
** देवव्रत कर शर्मा **
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