कवि-अनिलशुक्ल
शीर्षक-गणनायक
स्थान-बस्तर जगदलपुर छत्तीसगढ
सम्पर्क-7828501850
पधारो मेरे घर मे हे जननायक
हे कष्ट निवारक विघ्न विनाशक
सर्व देवों में अग्र पूज्य जय हो देव इकतुण्ड नायक।
आपका नाम को लेकर जो करे काम
उसका मनोरथ पूरा होता पूरा होता काम।
जगत में शंकर सुवन से है नामी,
ऋद्धि सिद्धि के तुम हो स्वामी।
मोदक लड्डू तुमको प्यारे
माँ पार्वती के प्यारे।
भगवन शंकर के दुलारे
कार्तिकेय के भइया जगत
के नाथ जगत गोसइया
कह अनिलशुक्ल तुम गणनायक सर्व प्रकार
सर्व सुखदायक।
पधारो आज मे्रे घर मे
घर पवित्र हो जाय।
जय बोले गणपति का
जयजयकरा गणपति का
हो जाये।
कवि-अनिलशुक्ल
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