Monday, September 16, 2019

महाराष्ट्रा से कवि संजय जैन की कविता- दिल है तो लगेगा ही

नाम संजय जैन
राज्य महाराष्ट्रा
मो.9987699021
विधा कविता
शीर्षक *दिल है तो लगेगा ही*

दिल रब ने दिया है तो।
किसी न किसी से तो मिलेगा।
प्यार की कश्ती में ये दिल बैठेगा।
तभी तो दो दिलो का मिलन होगा।।

दिलो की बात दिलवाले समझते है।
प्यार करना परवाने जानते है।
नजरे जब किसी से मिलती है।
तभी तो ये दिल धड़कता है।।

गलत फेमी के कारण मोहब्बत रुठ जाती है।
जुड़े हुए दिल टूट जाते है।
और मोहब्ब्त की दुनिंया उजड़ जाती है।
दो जवा दिल तन्हा हो जाते है।।

तन्हा में हम सोचते है कि,
टूटे हुए दिल कभी तो
खिलेंगे।
बिछड़े हुए दिल कभी तो
मिलेंगे।
हो रहा है अहसास अपनी गलतियों का,
अब किसी न किसी को,
झुकना पड़ेगा होगा।
और फिर से दिल को दिल मिलना होगा।
और अपने प्यार के, रिश्तों को निभाना होगा।।

जय जिनेन्द्र देव की
संजय जैन (मुम्बई)
16/09/2019

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