कवि का नाम - ओम प्रकाश फुलारा "प्रफुल्ल"
राज्य- उत्तराखंड
कविता - बेटी
बेटियों से मान मिले,
आन वान शान बढ़े,
बेटियों की चाह सदा,
सब जन कीजिए।
छुए नित नभ को ये,
गर्व हम सब को है,
बेटियों के कदमों को,
शक्ति तुम दीजिए।
सुख का संसार बेटी,
दुःख सब हर लेती,
बेटियों को बेटे सम,
सब मान लीजिए।
जग का उद्धार बेटी,
घर का श्रृंगार बेटी,
बेटियों को जन्म देके,
सुधा रस पीजिए।
bahut sundr
ReplyDeleteउत्तम सृजन
ReplyDeleteVery Good
ReplyDeleteGreat
ReplyDeleteVery Good
ReplyDeleteबेटियों का मान बढ़े, सम्मान बढ़े और आपकी रचना जनमानस की जुबान पर चढ़े। शुभकामनाओं सहित बहुत बहुत बधाई।
ReplyDeleteवाह । बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ
ReplyDeleteAlways should be on top priority.
ReplyDeleteअतिसुन्दर
ReplyDeleteबहुत ही सुंदर रचना 👏👏👌👌
ReplyDeleteवाह बहुत खूब
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