नाम- विश्वनाथ देवांगन "मुस्कुराता बस्तर"
कविता -'जय हो गणपति गणेश'
राज्य- छत्तीसगढ़
संपर्क नं0- 7999566755
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जय हो गणपति गणेश,
जय हो गणपति गणेश |
माता हैं गौरी तुम्हारे,
पिता हैं शंभू महेश ||
जगत जननी हैं पार्वती,
देवों के देव महादेव |
बेटी तुम्हारी हैं संतोषी,
कार्तिक तुम्हारे भाई देव |
आएं हैं तेरे दर पे...विनायक,
काटो सबके क्लेश ||01|| जय हो..
लंबोदर बापा तुन्ही कहाते,
उदर हैं,निराले बड़े |
एक दंत तुम्हीं कहाते,
मूसक वाहन में चले |
रिद्धि सिद्धि के दाता... विनायक,
तुम हो जग में एक ||3|| जय हो..
तीन लोग के देव धामी,
तुम्हारी शरण में पड़ते |
प्रार्थना,वंदना,आराधना,
करते तुम्हारी स्तुति गाते |
जय हो कहते सब तेरी...विनायक,
करते सब हैं,जय घोष ||02|| जय हो..
*©®मुस्कुराता बस्तर*
कोंडागांव,बस्तर,छत्तीसगढ़
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