Monday, September 2, 2019

छत्तीसगढ़,जिला-महासमुंद से कवि सुन्दर लाल डडसेना "मधुर" की रचना- जीवन एक सीख

कवि का नाम- सुन्दर लाल डडसेना "मधुर"
शीर्षक- जीवन एक सीख
राज्य- छत्तीसगढ़,जिला-महासमुंद
मोबाइल- 8103535652
             9644035652
           *जीवन एक सीख*

*कोई कहीं से सीख के नहीं आता है।*
*सीखने वाला ही यहीं सीख पाता है।*
*जो दंभ भरते है खुद की कौवों सी,*
*वो हंस से भी जीत कर पार नहीं पाता है।*
1 खुद की तारीफ,
          अच्छी नहीं होती।
  अविश्वास से उपजा प्रेम,
          सच्ची नहीं होती।
*झूठ,शंका,बेवफ़ाई ;अविश्वास बढ़ाता है।*
*अविश्वास से जन्म द्वेष,कोई रोक नहीं पाता है।*
*कोई कहीं से सीख के नहीं आता है।*
*सीखने वाला*........................

2.खुद की बुराई से जो सीखे,
        वो अनंतकाल की अच्छाई है।
  जो जीवन भर साथ दे,
    व्यक्ति के व्यक्तित्व की परछाई है।
*इंसान के अच्छे कर्म हमेशा याद रह जाते हैं।*
*गर इंसान उन कर्मों को अच्छे से कर पाता है।*
*कोई कहीं से सीख के नहीं आता है।*
*सीखने वाला*..................
*सुन्दर लाल डडसेना मधुर*
ग्राम -बाराडोली(बालसमुंद)
तह. सरायपाली(महासमुंद)
मोब. 8103535652
        9644135652

20 comments:

  1. बहुत सुन्दर रचना सुन्दर

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  2. साधन्यवाद गोयल सर

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  3. सीखने की इच्छा....
    बबहुत ही सुन्दर रचना ।

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  4. बहुत बहुत धन्यवाद रितेश जी

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  5. जीवन दर्शन से भरी रचना !!

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