कवि का नाम- सुन्दर लाल डडसेना "मधुर"
शीर्षक- जीवन एक सीख
राज्य- छत्तीसगढ़,जिला-महासमुंद
मोबाइल- 8103535652
9644035652
*जीवन एक सीख*
*कोई कहीं से सीख के नहीं आता है।*
*सीखने वाला ही यहीं सीख पाता है।*
*जो दंभ भरते है खुद की कौवों सी,*
*वो हंस से भी जीत कर पार नहीं पाता है।*
1 खुद की तारीफ,
अच्छी नहीं होती।
अविश्वास से उपजा प्रेम,
सच्ची नहीं होती।
*झूठ,शंका,बेवफ़ाई ;अविश्वास बढ़ाता है।*
*अविश्वास से जन्म द्वेष,कोई रोक नहीं पाता है।*
*कोई कहीं से सीख के नहीं आता है।*
*सीखने वाला*........................
2.खुद की बुराई से जो सीखे,
वो अनंतकाल की अच्छाई है।
जो जीवन भर साथ दे,
व्यक्ति के व्यक्तित्व की परछाई है।
*इंसान के अच्छे कर्म हमेशा याद रह जाते हैं।*
*गर इंसान उन कर्मों को अच्छे से कर पाता है।*
*कोई कहीं से सीख के नहीं आता है।*
*सीखने वाला*..................
*सुन्दर लाल डडसेना मधुर*
ग्राम -बाराडोली(बालसमुंद)
तह. सरायपाली(महासमुंद)
मोब. 8103535652
9644135652
Nice one guruji
ReplyDeleteVery nice ji
ReplyDeleteJay hind
ReplyDeleteबहुत सुन्दर रचना सुन्दर
ReplyDeleteसाधन्यवाद गोयल सर
ReplyDeleteAap Aise hi aage badho
ReplyDeleteबहुत सुंदर
ReplyDeleteMadhur ji ki sundar rachana
ReplyDeleteसीखने की इच्छा....
ReplyDeleteबबहुत ही सुन्दर रचना ।
जी जरूर रितेश
ReplyDeleteबहुत बहुत धन्यवाद रितेश जी
ReplyDeleteNice one dada
ReplyDeleteBahut bahut badhai ho dada
ReplyDeleteAap sabko Dhanyvad
ReplyDeleteजीवन दर्शन से भरी रचना !!
ReplyDeleteVery nice
ReplyDeleteThanx ji
ReplyDeleteबेहतरीन
ReplyDeleteKya kahne
ReplyDeleteसबका सधन्यवाद
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