कवि का नाम- गिरीश अधिकारी
शीर्षक- यह सावन भी बीत गया
राज्य -उत्तराखंड
सम्पर्क .न.9627802785
कविता..
**
नये नये कुछ फूल उगाकर
उनमें खुशबू को महकाकर
सुन्दरता की अलख जगाकर
सबके मन को जीत गया
यह सावन भी बीत गया
**
उमड़ घुमड़ कर आये बदरा
रुनझुन रुनझुन बूंदे बोली
ठौर ठौर पर उग गई कलियां
भारत मां की सज गई डोली
काले काले से बदरा से
देखो कैसे रीत गया
यह सावन भी बीत गया
**
ज्ञान भक्ति के कुसुम खिलाकर
सोम का फिर उपवास कराकर
श्रद्धा के फिर दीप जलाकर
शिव से साधक को मिलवाकर
वापस यह मनमीत गया
यह सावन भी बीत गया
गिरीश अधिकारी
गरूड़ (बागेश्वर)
बहुत ही मनमोहक कविता
ReplyDelete