Monday, September 30, 2019

छत्तीसगढ़ से कवि नलिनी बाजपेयी की रचना- ह्रदय

नाम - नलिनी बाजपेयी
    शीर्षक-उजाला
   राज्य- छत्तीसगढ़
मो.नम्बर-9893480989
🍃🌼🌿 ह्रदय🌿🌼🍃
         –--–––
"ह्रदय की बात क्या कहूँ,
कसकता है हर रात।

प्रीत कहूँ, मीत कहूँ
किसके लिए धड़कता है
हर बार।

अपरिमित,अलक्षित,
अपरिमेय होती है हर बात।

घुमड़ आता है यादों में,
सपनों में होती मुलाकात।

इक झंकार, इक टीस सी,
ह्रदय में उठ रही हर बार।

सुख-दुख के स्वप्न,
झरोखे से झांक रही हर बार।

सब अर्पित कर दी मिला नहीं कुछ,
विश्वास टूटा हर बार।

कैसे संबंधों का गुणा भाग करें,
होता है घात हर बार।

तुम्हें उर में धर तड़पी
पीड़ा से हर रात।

हिय तुम्हारी तो आँखें नही,
क्रंदन क्यों सुनोगे हर बार।

मधुर रतनारे,आँखों से हुई ना,
अब तक कोई बात।

प्यार के खेल में झलक ही देता है,
निर्वाण हर बार।

दिल के पास दिमाग नहीं होता,
रुलाती है हर रात।

सुख-दुःख के क्रय- विक्रय में,
गुजरती हर रात।

हिय,उर,वक्ष  ही बनता है,
संबन्धों का आश्रय हर बार।

इसे स्वस्थ्य रखे,स्वस्थ्य रहे ,
करती हूं मनुहार हर बार।

पूत,मीत,भ्राता, मातृ, जनक,
सबके लिए धड़कता है हर बार।

ह्रदय-दिवस के पावन
अवसर पर स्वस्थ्य रहे ह्रदय,
और धड़के हर बार।

    नलिनी बाजपेयी
संबलपुर,कांकेर (छ. ग.)

No comments:

Post a Comment

दुर्ग से प्रिया गुप्ता की रचना- चाहत

कवि-प्रिया गुप्ता जिला- दुर्ग राज्य-छत्तीसगढ़ शीर्षक-चाहत विधा-काव्य संपर्क-7974631528  दीवानगी दीवानों की वफ़ा है दोस्तो   काति...