कवि- सुन्दर लाल डडसेना"मधुर"
राज्य- छत्तीसगढ़,जिला- महासमुंद
शीर्षक- *ये कैसा पितृमोक्ष?*
मोबाइल- ८१०३५३५६५२
९६४४०३५६५२
जीते जी माँ बाप को सूखी रोटी तक खिलाये नहीं।
मरे माँ बाप को गुलगुल भजिया बड़ा खिलाते हैं।
जीवित माँ बाप को कभी प्यार से बुलाये नहीं।
मरने के बाद कौवे को माँ बाप बुलाते हैं।
प्यासे माँ बाप को कभी पानी के लिए पूछे नहीं।
क्वांर मास में कुश से तर्पण अर्घ्य चढ़ाते हैं।
जिन्दा माँ बाप को कभी चार धाम घुमाये नहीं।
मृत माँ बाप के अस्थि को गंगा प्रवाह कराते हैं।
जीवित माँ बाप को कभी भोज में साथ ले जाते नहीं।
मृत माँ बाप के लिए पितृभोज रखवाते हैं।
जीवित माँ बाप की कभी सेवा करते नहीं।
मृत माँ बाप के लिए पितृमोक्ष श्राद्ध करवाते हैं।
सुन्दर लाल डडसेना"मधुर"
ग्राम-बाराडोली(बालसमुंद),पोस्ट-पाटसेन्द्री,
तह-सरायपाली,जिला-महासमुंद(छ.ग.)
मोब. ८१०३५३५६५२
९६४४०३५६५२
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