कवि-कुन्दन पाटिल
शीर्षक- अमरत्व हैं
सम्पर्क-9826668572
राज्य-मध्य प्रदेश(देवास)
अमरत्व हैं
अजक,अमर,अमिट हैं
प्रेम वही अमरत्व हैं
छल,कपट,स्वार्थ से जो परे हैं
ऊच-निच,लाभ-हानी से दूर हैं
मान-सम्मान के आडम्बर से परे हैं
आकर्षण-वासना भोग से दूर हैं
सच्चा पावन पवित्र वही प्रेम हैं
यही प्रेम हकिगत मे अमरत्व हैं।
कुन्दन पाटिल
Nice
ReplyDeleteBahut khun
ReplyDeleteNice and Right line 👌👌👌👌👌
ReplyDeleteNice
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