कवि- सुधांशु श्रीवास्तव "जीत"
राज्य- छत्तीसगढ़
मोबाइल- 96911 47957
शीर्षक- जरूरी है
*जरूरी है*
स्वच्छ भारत का सपना देखना जरूरी है,
देखने से ज्यादा साकार करना जरूरी है।
भ्रम से बाहर निकलो कि कोई और करेगा,
घर साफ करने हाथ मैला करना जरूरी है।
हाथ में झाड़ू देखकर मजाक उड़ाना छोड़ दो,
बिना देखे सोचे हर तरफ कूड़ा डालना छोड़ दो।
बीमारी दूर करने कचरा दूर भगाना जरूरी है,
कचरा स्वाहा करने मन की होली जलाना जरूरी है।
आजाद देश के आजाद नागरिक आजादी छोड़ दो,
नियमों में बंधकर रहने को गुलामी सोचना छोड़ दो।
इस देश का खुद के इतना ख्याल रखना जरूरी है,
भारत को प्रदूषण से आजाद कराना जरूरी है।।
कही किसी रोज देश पर सवाल पूछे जाएंगे,
बाहर किसी देश मे भारत के हाल पूछे जाएंगे।
अपने देश से गंदगी का दाग हटाना जरूरी है,
भारत को आगे बढ़ाने स्वच्छ बनाना जरूरी है।।
सुधांशु श्रीवास्तव "जीत"
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