Monday, September 23, 2019

छत्तीसगढ़ से महेन्द्र देवांगन माटी की रचना- मोहनी

कवि का नाम  -- महेन्द्र देवांगन माटी
शीर्षक  -- मोहनी
राज्य  -छत्तीसगढ़
संपर्क  - 8602407353

*मोहनी*

शीतल जल में बदन भिगाकर , मन में आग लगाती हो ।
नयनों से तुम बाण चलाकर , दिल घायल कर जाती हो ।।

काली काली जुल्फों को तुम,  नागिन सी लहराती हो ।
मधुर मधुर मुस्कान फेंककर,  कितनों को डस जाती हो ।।

पाँवों की पायल झनकाकर , दिल में शोर मचाती हो ।
हाथों की कंगन खनकाकर , सबको नाच नचाती हो ।।

कोयल सी मीठी बोली से , सम्मोहन कर जाती हो ।
क्या जादू है पास तुम्हारे  , दिल को बहुत लुभाती हो ।।

गोरे मुख पर काला तिल है , मोहनी रुप दिखाती हो ।
मैं तो सीधा सादा बंदा , सपने में क्यों आती हो ।।

*महेन्द्र देवांगन माटी* ✍
*पंडरिया छत्तीसगढ़*
🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹

1 comment:

दुर्ग से प्रिया गुप्ता की रचना- चाहत

कवि-प्रिया गुप्ता जिला- दुर्ग राज्य-छत्तीसगढ़ शीर्षक-चाहत विधा-काव्य संपर्क-7974631528  दीवानगी दीवानों की वफ़ा है दोस्तो   काति...