Monday, September 23, 2019

राजस्थान से तनसुख कुमार की रचना- आ सुरगां सू भी ठीक है

तनसुख कुमार
श्रीमाधोपुर
राजस्थान।
मो. 9351212400
Email tansukh.kumawat1977@gmail.com

शीर्षक - - आ सुरगां सू भी ठीक है

रामायण म पढी ज्यो म्हे
भगवान राम री सीख है।
जन्म भोम  मायङ भूमी
आ सुरगां सू भी ठीक है  ।।
आ सुरगां सू भी..............

आन, बान अर शान, वीरता
म पहलो स्थान है।
त्याग, शोर्य, बलिदान म आग
म्हारो राजस्थान है  ।
देश र खातिर मर मिटने की
अठे पङी एक लीक है ।
जनम भोम............

शोर्य अठे राणा प्रताप रो
माँ पन्नाधाय री कुर्बानी
मेवाङ री आन पे जोहर करगी
पदमावती सागे क्षत्राणी  ।।
जंग जीत कुछ पा सकया
मुगला म भी आ खीज है ।।
जनम भोम ..............

भक्ती रो रस लुटायो मीरा
कृष्ण प्रेम म दिवानी ।
महल हवेली आज कह रिया
शिल्प कला री कहानी।
गणगोर मनावां चाव सू
त्योहार म्हारों तीज है ।।
जनम भोम ...........
                    कुमार तनसुख

62 comments:

  1. शानदार शब्दों का चयन एवं जीवन्तता लिए हुए बेहतरीन कविता।

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  2. वाह जी शानदार ।

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  3. बहुत शानदार...
    पूर्ण जोश और आत्मविश्वास से आगे बढ़िये 👌👌

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  4. Very nice poem
    Aap yohi rajasthani ro Yas gungan gaate rho
    Ghani- ghani khamma

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  5. बहुत शानदार, बहुत बहुत बधाई ����

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  6. बहुत शानदार, बहुत बहुत बधाई ����

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  7. आपका प्रयास हमारी मातृभाषा के उत्थान के लिए एवं वीर भोग्या राजस्थानी वसुन्धरा के लिए एक बढ़ता हुआ सराहनीय और भक्तिरस का पदसोपान हैं।
    So please, keep it up and encourage another to it.

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  8. Bahut aannad aaya bhut Sachin racna

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  9. जय जय राजस्थान
    बहुत अच्छी कविता है जी

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  10. शानदार, बहुत बहुत बधाई 🌹🌹

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  11. सुरेन्द्र कुमार चेजारा
    शानदार, बहुत बहुत बधाई ����

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  12. सुरेन्द्र कुमार चेजारा
    शानदार, बहुत बहुत बधाई ����

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  13. शानदार, बहुत बहुत बधाई 🌹🌹

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  14. बहुत उम्दा । अच्छा प्रयास है । कुछ पंक्तियां वाकई दोहराने योग्य है ।
    जन्म भोम  मायङ भूमी 
    आ सुरगां सू भी ठीक है  ।।

    साधुवाद ।

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  15. बहुत उम्दा । अच्छा प्रयास है । कुछ पंक्तियां वाकई दोहराने योग्य है ।
    जन्म भोम  मायङ भूमी 
    आ सुरगां सू भी ठीक है  ।।

    साधुवाद ।

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  16. Badiya Mast ✌✌👌👌👌👌🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏

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  17. बहुत शानदार और अच्छी रचना.. शुभकामनाएं आपको

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  18. बेहद ख़ूबसूरत रचना...गाँव की की सुगंध आ रही है।

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  19. राजस्थान और मातृभाषा का अदभुत मेल ह।।।

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  20. बहुत ही अच्छा लिखते हो सर आप, उम्मीद है ऎसे ही अच्छी कविताए और लेख लिखते रहोगे, आपके उज्जवल भविष्य की कामनाओ सहित आपका छोटा भाई

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  21. बहुत सुंदर 😊👌 बहुत अच्छा लिखते हो सखा 😊 ढेरों शुभकामनये 🙏

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  22. बहुत ही सुन्दर और ओजस्वी पूर्ण शब्दो से वीर भोग्य का महत्व बताया है

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  23. बहुत ही शानदार व सराहनीय प्रयास है

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  24. कविता में शानदार शब्दों का चयन किया है आपने,
    मातृभूमि के प्रति प्रेम, भक्ति रस से परिपूर्ण साथ में
    रीति रिवाजों की अच्छी प्रस्तुति दी हैं।
    आपका ये प्रयास सफल हो(Bindu kumawat)💐💐👍

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  25. विक्की कुमावतSeptember 24, 2019 at 1:08 AM

    हमेशा की तरह ....लाज़वाब

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  26. Bhaut bhadiya, hamasha ki taraha ya bhi lajavab hai. Asa hi likhta raho kuch dhundla hota aasas yad aa jata hai.

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  27. Comment with your Google account if you’d like to be able to manage your comments in the future. If you comment anonymously, you won’t be able to edit or delete your comment.

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  28. Bhaut bhadiya, aasa hi likhta raho. Jo aasas dhundla ho gaya hai unki yaad aa jati hai.

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  29. बहुत ही अच्छी तरह से राजस्थान की वीरभूमि का वर्णन किया है.

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  30. Masttt ��������

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  31. भोत जोरदार भाई

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  32. Bahut accha likha h bahishab aapne.....

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  33. साहस,बलिदान,शौर्य,रमणीयता रो पर्याय म्हारो राजस्थान
    केसरिया बालम,पनिहारी,बणीठणी री पहचान म्हारो राजस्थान।

    काकाश्री की सुरम्य रचना। जय हो।

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  34. बहुत खूब लिखा है आपने very nice

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