Wednesday, September 11, 2019

उत्तराखंड से कवि कालिका प्रसाद सेमवाल की रचना हे प्रभु

नाम  कालिका प्रसाद सेमवाल
शीर्षक हेे  प्रभु
राज्य उत्तराखंड रूद्रप्रयाग
सम्पर्क  8171208350

      हे प्रभु
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हे प्रभु!
हे परमपिता परमात्मा!
मुझे अपने चरणों में
स्थान दीजिये
जिससे मेरा शरीर, मेरी आत्मा,
सदा तुम्हारे आस पास
कण कण में मौजूद हो जायें।

हे प्रभु!
मुझे अपने आँगन में जलती
अगरबत्ती बना लो,
जिससे मेरे अवगुण दूर होकर
सदगुण मेरे शरीर में
खुशबो बनकर समाहित हो जायें।

हे प्रभु
अपने प्राँगण में गूजती
''ओम" की ध्वनि सा प्रवाहमान कर दो।
जिससे मेरे मस्तिष्क में आप का नाम,
हर वक्त गुँजता रहे,

हे प्रभु
मेरी इस प्रार्थना को मन्जूर कर
इस संसार रूपी
भौतिकवादी जाल में उलझकर रह गया
तेरे चौबारे की राह देख रहा हूँ,
हो जाय सार्थक
मेरा यह जीवन...................

कालिका प्रसाद सेमवाल
मानस सदन अपर बाजार
रूद्रप्रयाग उत्तराखंड
246171

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